नाथ सकल मम कुमति निवारो । क्षमहु बेगि अपराध हमारो ॥ खोलो पट अब दर्शन दीजै । बोलो कृष्ण कन्हैया की जै ॥
दोहा
यह चालीसा कृष्ण का, पाठ करै उर धारि । अष्ट सिद्धि नवनिधि फल, लहै पदारथ चारि ॥
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सभी प्रसिद्ध चालीसा
गणेश जी से हनुमान जी तक, सभी प्रसिद्ध चालीसाओं का पावन संग्रह अब एक ही स्थान पर। इनके पाठ से भक्ति का अनुभव करें, मन को शांति दें और अपनी श्रद्धा को दें एक नया आयाम।