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तू बैठा अंदर मै खोजू गली गली

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तबाही का एक मंजर

इतिहास हमेशा घटनाक्रम को दोहराता है जब भी हम कुटिल क्रोधी शासक की चालू हरकत को अनदेखा करते है वह अपनी हरकत से विश्व में महाविनाश की स्थिति न पैदा कर दे एक सनकी तानाशाह ने6अगस्त1945को जापान के हिरोसिमा शहर में

प्रथम परमाणु विस्फोट से सैकड़ो मनुष्यो की जान ले ली और सैकड़ो अपाहिज हो गये

विश्व शान्ति के लिए मैत्रीपूर्ण आदान प्रदान की पहल निरंतर जारी रहना चाहिए

मित्र कैसे हो

मनुष्य ही नहीं पशु पक्षी सभी एक न एक साथी को तलाशते हैं जो कभी कभी या प्रति दिन उसके साथ समय व्यतीत कर सके घूमना फिरना नवीन विषयों पर चर्चा आदि आपस में कर अपनी चेतना में नव संचार से अभिभूत हो , भगवान श्री राम श्री हरि कृष्ण भी राज्य सुख छोड़कर सच्चे और प्यारे मित्र की प्रतिक्षा करते थे श्री राम को वनवास काल में निषाद राज केवट हनुमान सुग्रीव विभीषण आदि सच्चे मित्र मिले जिन्होंने माता सीता की खोज और रावण से युद्ध के समय अपनी सम्पूर्ण सेना के साथ कदम से कदम मिला कर भगवान श्री राम का साथ दिया और विजय श्री भी उन्हे ही मिली यह सत्य रामचरित मानस में विस्तार से वर्णित हैं,

श्री कृष्ण के चरित्र दर्शन से मनुष्य को अनुपम सुख मिलता बाल लीला मनोरम दृश्य से परिपूर्ण हैं जिसे पढ़कर सुनकर हिन्दू ही नहीं अन्य धर्म के मानने वाले भी सुख पाते हैं, किशोर अवस्था आते ही ईश्वर के अवतार श्री हरि कृष्ण ने अपने दुष्ट मामा कंस को मार कर अपने माता पिता को कैद से छुड़ाया और परिवार को सुख दिया राज्य सिंहासन पर बैठते ही प्रजा को एक जुट होकर कार्य करने के लिए प्रेरणा दी पांडव और कौरव में युद्ध न हो इसके लिए भी श्री कृष्ण अत्याधिक प्रयत्न शील रहे शकुनी की कुटिल नीति के कारण युद्ध टल न सका, श्री कृष्ण जी और भाई बलदाऊ इस युद्ध में तठस्थ रहें उन्होने अपनी सेना कौरवों को पांडव को रथ और सारथी के रूप में श्री कृष्ण जी मिले जब युद्ध स्थल में पांडव के सेनापति श्री अर्जुन कौरवों की विशाल सेना और परिवार के प्रमुख पूजनीय और आदरणीय बंधु और बांधवों को देखकर विचलित हो जाते हैं और करुण स्वर में श्री कृष्ण से कहते हैं

हे तात यह मैं क्या देख रहा हूं एक ओर पितामह भीष्म गुरुजन बंधु बांधव विशाल सेना के साथ खड़े हैं और दूसरी तरफ हम पांडव सेना में सभी एक से एक बलशाली पराक्रमी योद्धा हैं भीम और अर्जुन के समान शूरवीर काफी योद्धा हैं

किंतु स्वजनों के युद्ध में मारे जाने की कल्पना मात्र से हाथ पैर फूल जाते हैं श्री कृष्ण ने गीता में कहा है हे अर्जुन नपुसंक ना बनो युद्ध स्थल पर वीर की तरह युद्ध करो

गीता में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन के सभी शंका का समाधान किया है

एक अच्छा मित्र अपने मित्र को हमेशा मार्गदर्शक की रास्ता दिखाते हैं वही मित्रता जन्म जन्मांतर तक अमर हो जाती हैं

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आपके बुजुर्ग सम्मान के भूखे नहीं

ईश्वर है यह सत्य बहुत कम लोगों को स्वीकार होता है युवा वर्ग में उत्साह होता है पर कर्तव्य बोध नहीं गलती मां और पिता में कोई न कोई होता है जो उनकी गलती पर सदा परदा डाल कर उन्हे हठी बनाते हैं

अपने बच्चों को संस्कार शिक्षा पद्धति से ही जीवन जीने की कला सिखाए गुरू दादा दादी नाना नानी और परिवार के सभी सदस्यों के साथ रखे धार्मिक विचार कहानी गीत संगीत से परिवार का खुशनुमा माहौल निर्मित किया जासकता है

जीवन का सबसे बड़ा धन यही है संतान संस्कार बान है हिंदू धर्म में रामायण और गीता कृष्ण लीला की किस्से कहानी बड़े बुजुर्ग सुनाया करते थे जिससे आने वाली पीढ़ी भय हीन बनती थी आत्म विश्वास जागता और अपने लक्ष्य को प्राप्त करते में सफल होते हैं हमें अपना परिवार ही नहीं समाज भी भय मुक्त बनाना है

प्रेम से बोलो

Radhe Radhe ❤️

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मैं और मेरा मन

प्रार्थना में बहुत शक्ति है मन जब भी भटके एक दो मिनट का ध्यान तसली देता हैं तप तपस्या करने की शक्ति आराध्य ही से मिलती हैं, आपार धन संग्रह से भी विरक्ति होती हैं

आपने भी कई साधू संत देखें हैं जो सब कुछ छोड़ कर भक्ति भाव में अपने ईष्ट और उनके संदेश जन जन तक पहुंचाने पैदल यात्रा कर एक अभियान की तरह क्रियात्मक रूप प्रदान करते हैं रास्ते में कई तरह की बाधा उत्पन्न होती हैं रास्ते में जहरीले सांप और हिंसक जानवर भी कई बार रास्ते मिलते हैं उन पर कोई भी हमला नहीं करता उनकी आभा के आगे सब नतमस्तक हो जाते हैं उनके पीछे जन सैलाब दौड़ता है उनसे आगे कोई नहीं निकल पाया स्वयं मैने ऐसे संत के दर्शन किए हैं

मथुरा वृंदावन में हरिद्वार ऋषिकेश में लीन संतो और महात्मा के दर्शन सहज में ही होते हैं जितना सुख मूर्ति दर्शन में हैं वही सुख संत साधू साध्वी के दर्शन में हैं उनकी दिव्य आभा बहुत ही चमत्कारी होती हैं उनके दर्शन से कामना भी पूर्ण होती हैं

आप से एक और प्रार्थना है विवादित डोगी स्टाईल मारने वाले नकली बाबा संत सदा बचकर रहें कोई भी भूत प्रेत नहीं भगाते केवल आपको अपने भ्रम जाल में फंसाकर भ्रमित करते ईश्वर का नाम सच्चे मन से प्रार्थना करने से सारी बाधा दूर हो जाती है स्नान ध्यान से ही ईश्वर की प्राप्ति होगी

भागवत कथा सुनिए सच्चे मन से प्रार्थना कीजिए

आपकी और परिवार की सुख शांति कायम रहेगी

प्रेम से बोलिए

Radhe Radhe ❤️ oshriRadhekrishnaBole ❤️🔥

मन ही तो हैं जो कभी गदगद कर देता हैं, और कभी उदास गमगीन अपनों को बीमार असहाय महसूस कर उनके लिए प्रार्थना ही एक माध्यम है