आत्मा में परमात्मा का वास है जो हर प्रकार की उलझन को सरलतम समाधान देने में सक्षम हैं, किन्तु मन हैं जो बाहरी दुनिया की ओर ही दौड़ता हैं, विश्वास ही एक एक कड़ी को जोड़ता हैं, भजन और ध्यान साधना की सरलतम पद्धति हैं, आत्म प्रकाश की ओर जाती हैं, यहीं प्रार्थना कठिन से भी कठिन परिस्थितियों में समाधान का मार्ग जागृत करती हैं, गहन गहरीगुफा में प्रकाश की एक किरण बाहर निकलने का उत्साह जागृत करती हैं , आगे बढ़ते चलो यही जीवन जीने की कला हैं